प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में CAG ने किया भारी गड़बड़ी का खुलासा, उपभोक्ताओं को झटका

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhmantri Ujjawla Yojna) नाम तो सुना ही होगा! क्योंकि इस योजना के अंतर्गत लाखों लोगों को एलपीजी सिलेंडर जो मिले है। अब इसी योजना में गड़बड़ी की खबरें सामने आ रही हैं। इस योजना में भारी पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है।  ऐसा न तो हम कह रहे हैं और न ही आप और न ही विपक्ष के नेताओं ने भी ऐसा आरोप लगाया है। बल्कि इसका खुलासा सीएजी रिपोर्ट से हुआ है। सीएजी मतलब कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया। यह एजेंसी सरकारी योजना का ऑडिट करने का काम करती है। और योजना का ऑडिट करने के बाद अपनी तरफ से इसकी सिफारिशें भी करती है। ताकि योजनाओं में गड़बड़ी के बजाय और सुधार हो। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhmantri Ujjawla Yojna) में सीएजी या नहीं कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया ने जो रिपोर्ट पेश की है,  वह चौंकाने वाली है।  

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में सीएजी की रिपोर्ट 

कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया यानी सीएजी की नई रिपोर्ट आई है, और केंद्र सरकार द्वारा 2015 में लॉन्च हुई इस योजना के तहत महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है। केंद्र सरकार के दावे के मुताबिक अब तक 8 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सीएजी का मानना है कि इस योजना का भारी दुरुपयोग हो रहा है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरतमंदों के बजाय इस योजना का लाभ उन लोगों को मिल रहा जिन्हें जरूरत नहीं है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में योजना की कमियों को भी बताया है। 

रिपोर्ट की खास बातें क्या है यह जान लीजिए 

  1. कई परिवारों को एक से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। 
  2. 3.78 करोड़ एलपीजी कनेक्शन में सिर्फ 1.6 करोड़ लोगों को आधार के आधार पर कनेक्शन दिए गए हैं। 
  3. बीते साल जिन 1.93 करोड लोगों को कनेक्शन दिया गया था, उनमें से एक उपभोक्ता सालाना 3.66 बार रिफिल करवाता है। 
  4. सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण 18 साल से कम उम्र के 80,000 से ज्यादा लोगों को कनेक्शन दे दिया गया है। 
  5. ऐसे ही 8.59 लाख कनेक्शन उन लोगों को दिए गए जो 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार नाबालिग थे। जो प्रधानमंत्री योजना की गाइड लाइन और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2002 दोनों का उल्लंघन है। 
  6. 98 लाख उपभोक्ता साल में 12 से ज्यादा सिलेंडर रिफिल करा रहे हैं, और जांच का विषय है। यह लोग सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे होंगे, ऐसा लगता है।  
  7. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (Pradhmantri Ujjawla Yojna) के तहत महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन जारी किया जाता है, लेकिन सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण 1.8800000 पुरुषों को कनेक्शन मिल गए हैं।  
  8. लाखों सिलिन्डर 1 दिन में 2 से 20 बार रिफिल कीये गए। 

सीएजी के मुताबिक क्या होगा उज्जवला योजना में बदलाव?

  • एक परिवार को एक ही सिलेंडर मिले। इसके लिए परिवार की सभी 18 साल के लोगों के आधार का डाटा होना चाहिए। 
  • सॉफ्टवेयर पर खास ध्यान देना चाहिए, ताकि डाटा में कोई गलती ना हो। जिस किसी को योजना के जरिए कनेक्शन मिला हो, उसका ई केवाईसी होना जरूरी है। 
  • अगर किसी नाबालिग को योजना में कनेक्शन मिला है, तो उसके परिवार में 18 साल के व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
  • उज्जवला योजना (Pradhmantri Ujjawla Yojna) के जरिए जिन लोगों को कनेक्शन मिला है वह कैसे इसका सुरक्षित इस्तेमाल करें इसके लिए चलाए जाने की जरूरत है।

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