हैदराबाद गैंगरेप Encounter में मारे गए लोगों के परिवार ने कुछ दावे किए, Police ने इनकार किया

हैदराबाद गैंगरेप Encounter में मारे गए लोगों के परिवार ने कुछ दावे किए, Police ने इनकार किया

हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं अभी नहीं चारों आरोपियों से जुड़ी हुई नई जानकारी सामने आ रही है टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार वालों का कहना है कि दो आरोपी नाबालिग थे इसके अलावा आरोपियों के परिवार वालों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी के सामने पुलिस एनकाउंटर को भी बताया है चारों आरोपियों के नाम जे नबीन जे शिवा, मोहम्मद आरिफ और चेन्ना केशव है।  नवीन और शिवा के परिवार वालों का कहना है कि उनके बेटे 17 साल के थे।

नवीन की मां का कहना है कि वह उनका इकलौता बेटा था, और वह 17 साल का था। 2002 में उसका जन्म हुआ था। कुछ साल पहले ही उसने स्कूल जाना छोड़ दिया था। नवीन का परिवार स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट की कॉपी पाने की कोशिश कर रहा है। 

वहीं शिवा के पिता ने एनएचआरसी के अधिकारियों से कहा है कि पुलिस ने फेक एनकाउंटर किया था। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में कैसे भाग सकते थे? साथ ही यह भी कहा कि यदि उनके बेटे ने अपराध किया था। तो उसे सजा अदालत देती। पुलिस ने उसे क्यों मार डाला? दावा किया कि शिवा की उम्र 17 साल थी। वह 15 अगस्त 2002 के दिन पैदा हुआ था। उसके पास स्कूल की की तरफ से जारी किया गया सर्टिफिकेट भी है। जिसे वह जल्द ही एनएचआरसी को सौंप देंगे।

वहीं पुलिस ने एनकाउंटर वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया था कि चारों आरोपी बालिग थे। और सभी की उम्र 20 से 24 साल के बीच थी।

हैदराबाद गैंगरेप की ये है घटना

आपको बता दें कि 27 नवंबर की रात हैदराबाद में 26 साल की बैटनरी डॉक्टर का गैंगरेप हुआ था। उसकी हत्या करके उसके शव को जला दिया गया था। डॉक्टर का शव 28 नवंबर की सुबह नेशनल हाईवे 44 के एक ब्रिज के नीचे मिला था। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज को खंगाल हुए 29 नवंबर के दिन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सुबह 3:30 बजे को उसी ब्रिज के नीचे लेकर गई, डॉक्टर का फोन खोजने के लिए। आरोपियों ने पुलिस पर हमला करके क्राइम सीन से भागने की कोशिश की थी। उन्हें रोकने की कोशिश में पुलिस ने फायरिंग की, और चारों की मौत हो गई।

हैदराबाद में एनकाउंटर के बाद अब क्या होगा?

एनकाउंटर की खबर सामने आई तो लोग जश्न मनाने लगे। कहा कि इंसाफ मिल गया है।पुलिस पर फूलों की बारिश हुई। वहीं कुछ लोगों ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए, पूछा कि बिना पूरी जांच के पुलिस कैसे आरोपियों को मार सकती है। एनएचआरसी ने एनकाउंटर पर जांच के आदेश दिए। कहा कि एनकाउंटर चिंता का विषय है, और इसकी जांच जरूरी है। 9 दिसंबर के दिन राज्य सरकार ने इस केस के लिए विशेष जांच कमेटी का गठन किया है। इसकी कमान गोंडा पुलिस कमिश्नर भागवत के हाथ में है। वहीं तेलंगाना हाईकोर्ट ने 7 दिसंबर के दिन का इस पूरे मामले को स्वत संज्ञान लेते हुए पुलिस को निर्देश दिया था, कि वह चारों आरोपियों के शवों को सुरक्षित रखें। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई। कोर्ट में 11 दिसंबर के दिन इसकी सुनवाई होगी।

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