फांसी के पहले निर्भया गैंग रेप कांड के Convict Akshay Thakur की Review Petition में अजीब से तर्क दिए गए हैं

फांसी के पहले निर्भया गैंग रेप कांड के Convict Akshay Thakur की Review Petition में अजीब से तर्क दिए गए हैं

निर्भया गैंग रेप कांड के दोषी खबरों में है। सूत्रों के हवाले से और आधिकारिक तौर पर भी ढेर सारी खबरें हैं। बातें चल पड़ी है कि अब इन सभी को फांसी होने वाली है, लेकिन ऐन मौके पर दोषियों में से एक अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। पुनर्विचार याचिका में कुछ बातें ऐसी भी कही गई जो अजीब है। एक बार यह लगा कि इस याचिका में कोई ऐसा कैसे कह सकता है? याचिका पर नजर पड़ी तो पता चला कि सच में ऐसा कहा गया लिखा गया है।

क्या कहा गया पुनर्विचार याचिका में?

दिल्ली में खतरनाक एयर पोलूशन है। दिल्ली गैस चैंबर में बदल गई है। ऐसे में अलग से मृत्यु दंड देने की क्या जरूरत है?

इसमें यह भी लिखा कि “दिल्ली का पानी जहरीला हो चुका है। ऐसी शहर वाली हवा पानी के चलते उम्र पहले से ही कम हो जा चुकी है। ऐसे में फांसी की सजा की क्या जरूरत है?”

मौत सामने देखने पर इसको वेद-पुराण, उपनिषद भी याद आ गए। पुनर्विचार याचिका में लिखा कि

वेद पुराणों में लोगों की हजारों सालों तक जीने का जिक्र सामने आता है। सतयुग में लोग हजारों साल तक जीते जीते थे, लेकिन कलयुग में इंसान की उम्र घटकर 50 रह गई है। वह खुद ही जल्दी मर जाता है ऐसे में फांसी की सजा की जरूरत क्या है?

यह है निर्भय गैंग रेप कांड के दोषी अक्षय की कहानी

निर्भया गैंग रेप कांड के जिस आरोपी कि यह पुनर्विचार याचिका आपको बताई गई है। वह अक्षय, अक्षय कुमार, अक्षय सिंह, अक्षय कुमार सिंह, और ना जाने कितने कितने नामों से पिछले पाँच सालों से पूरे देश में कुख्यात है। इसका कहना था कि 16 दिसंबर के 12:00 बजे की रात वह दिल्ली में नहीं था।ऐसा इस ने दावा किया था, लेकिन बाद में यह बात झूठी निकली। यह बिहार का रहने वाला है, और स्कूल से ड्रॉपआउट था. अक्षय ने भी फांसी की सजा से बचने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की थी। बाकी तीन दोषी मुकेश, पवन, और विनय पहले ही पुनर्विचार याचिका दाखिल कर चुके थे। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया गया था, और फांसी की सजा को बरकरार रखा था।

तो हो जाएगी दोषियों को फांसी

इसके अलावा निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी की सजा को लेकर एक और अहम खबर चर्चा में हैं। वह यह है कि क्या वास्तव में निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी की सजा दी जा रही है? हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक आधिकारिक कोई बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि बिहार के बक्सर जेल से तिहाड़ जेल के लिए 10 फांसी की राशियों का न्योता भेजा गया है, और यह रस्सियां तिहाड़ जेल भी पहुंचा दी गई है। वहीं दूसरी तरफ निर्भया गैंगरेप के दोषियों को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाना शुरु हो चुका है। जबकि तिहाड़ जेल में फांसी की सजा का ट्रायल भी शुरू हो गया है। आपको बता दें कि कि आतंकवादियों को फांसी की सजा दी गई तो उसमें बिहार के बकसर कारागार में बनीं रस्सियों का इस्तेमाल किया गया। तिहाड़ जेल में उस रूम को भी खोलकर सफाई होनी शुरू हो गई है। जिसमें दोषियों को फांसी दी जाने वाली रात में बैठाया जाता है।

इसका अंदाजा हम इसलिए भी लगा सकते हैं, कि एक तरफ निर्भया गैंगरेप के दोषियों की जांच-पड़ताल भी शुरू हो गई है। तो वहीं  खबरें सामने आ रही हैं की दोषियों ने जिस दिन निर्भया के साथ बर्बरता पूर्ण उक्त घटना को अंजाम दिया था। उसी दिन उन्हें फांसी की सजा मिले। हालांकि कानून और संविधान में ऐसा कहीं कोई जिक्र नहीं है, कि दोषी को उसी दिन उसे सजा दी जाए, जिस दिन उसने अपराध किया हो। खैर जो भी हो लेकिन सजा मिलती है तो जाहिर है कि निर्भया को संवैधानिक तौर पर न्याय मिल जाएगा और इसका जश्न पूरा देश वह आएगा बनाएगा।

 

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