झांसी के इस मदरसे पर क्यों हुई बड़ी कार्यवाही?

झांसी के इस मदरसे पर क्यों हुई बड़ी कार्यवाही?

» 15 शिक्षकों की तैनाती, 6 ही मिले मौके पर, 7 का बेतन कटा, MDM में भी झोल

झांसी। सरकारी धनराशि पर संचालित मदरसे की औचक निरीक्षण में पोल खुल गई। यहां पर 15 शिक्षक तैनात है जिन्हें बच्चों को नियमित पढ़ाने की जिम्मेदारी है लेकिन निरीक्षण दौरान पढ़ने वाले मात्र 6 बच्चे ही मिले। वह भी अलग अलग कक्षाओं के एक ही कक्ष में शिक्षा ले रहे थे।

पांच टीचर एक बाबू और एक परिचर भी गायब मिला। एमडीएम की लचर व्यवस्था मिली। इस पर जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने प्राचार्य का वेतन रोक दिया, पांच शिक्षकों और एक बाबू व परिचर के एक दिन के वेतन में कटौती के निर्देश जारी कर दिए है।

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अमित कुमार ने सोमवार को अनुदानित इस्लामिक ओरिएंटल बौयस छनियापुरा मदरसे का औचक निरीक्षण किया। अधिकारी के पहुंचते ही मदरसे में हड़कंप जैसी स्थिति बनी। सबसे पहले यहां के रजिस्टर को देखा। जिसमें मदरसे में पढ़ाने के लिए 15 शिक्षकों की तैनाती है। इसके बाद मदरसे का भ्रमण किया तो वहां पर एक ही कक्षा में केवल 6 बच्चे ही पढ़ते मिले।

इसी में हाकनिया और आलिया के बच्चे थे। जबकि बाकी मदरसे में सन्नाटा छाया हुआ था। दो दिन पहले के रजिस्टर भी मंगाए। जिसमें दो सौ से ढाई सौ बच्चों की उपस्थिति दर्ज मिली। शिक्षकों के बारे में पूछताछ की तो वहां से पांच शिक्षक, एक बाबू और एक परिचर गायब मिले। इतनी लचर व्यवस्था और लापरवाही को देखते हुए सात शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।

इसके अलावा परिसर में कम्प्यूटर तो रखे थे लेकिन ताले में कैद थे। चाबी मंगाई तो चाबी नहीं मिली। इतनी हीलाहवाली बरतने पर जिला अल्प संख्यक अधिकारी का माथा ठनक गया। क्योंकि हर माह मदरसे पर करीब साढ़े दस लाख रुपया शिक्षकों की तनख्वाह पर खर्च हो रहा है और इसके बाद भी बच्चों को व्यवस्थित ढंग से शिक्षा नहीं मिल रही।

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने अग्रिम आदेशों तक प्राचार्य मोहम्मद याकूब का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही रजिस्ट्रार को जांच रिपोर्ट लगाते हुए मदरसे के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।

क्या कहा जिला अल्पसंखयक अधिकारी ने?

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि बीते काफी दिनों से शिकायतें प्राप्त हो रही थी। औचक निरीक्षण की प्लानिंग की गई थी। ताकि हकीकत सामने आ सके और औचक निरीक्षण में हकीकत भी सामने आ गई। मौके पर मिली स्थितियों को देखते हुए कार्रवाई की संस्तुति का पत्र भेज दिया गया है।

सात शिक्षकों का कटा वेतन

मदरसे में बच्चों को पढ़ाने नहीं पहुंचे और मदरसे से गायब मिले। इस पर शिक्षक अहमद खां, अनीस अतहर सिद्धकी, आबिद, अनवर खां, नौशाद खां सहायक अध्यापक तैतानिया, लिपिक शकील अहमद और परिचर शफीक अहमद का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दे दिया है।

झांसी की ताजा खबरें अपने व्हाट्सअप पर पाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

👉 https://chat.whatsapp.com/DynAGNd40nk4IZmyPau50l

 

👇 अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें 👇

Share on facebook
Share on google
Share on twitter
Share on whatsapp

ये खबर आपको कैसी लगी? नीचे कॉमेंट बॉक्स में जाकर जरूर बताएं.

झांसी समाचार

ललितपुर समाचार